सरकार अब कोरोना पड़ कम और चुनाव प्रचार प्रसार पर ज्यादा ध्यान दें रहा है।
देश में चुनाव प्रचार जोर 📢🔊पर है और सभी पार्टी अपने चुनावी रैली में लगे पढ़े हैं।
पहले जो भी प्रवासी अपने गाँव जाते थे सभी प्रवासियों को क्वरंटाईंन किया जाता था। अब वो सरकार छोड़ चुकीहै, माननीय प्रधानमंत्री जी ने बोल ही दिये है कि आत्मनिर्भर बनना पडेगा। अब जनता भी आत्मनिर्भर बन रहीं हैं ।
प्रधानमंत्री बार-बार कह रहे हैं कि महामारी ने हमारी जीवन शैली को पूरी तरह से बदल कर रख दिया है। और यह भी कि कोरोना के बाद हमारी ज़िंदगी पहले जैसी नहीं रहने वाली है। इसके आगे की बात देश की जनता के लिए समझने की है कि महामारी के बाद लोगों का जीवन ही नहीं पार्टियों का जीवन भी बदल सकता है।
देश इन दिनों कई मोर्चों पर एक साथ लड़ाइयाँ लड़ रहा है! सरकार चीन के साथ बातचीत में भी लगी है और साथ ही सीमाओं पर सेना का जमावड़ा भी दोनों ओर से बढ़ रहा है। नागरिकों को इस बारे में न तो कोई ज़्यादा जानकारी है और न ही आवश्यकता से अधिक बताया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो वार्ताओं को विराम दे रखा है। राष्ट्र के नाम कोई संदेश भी वे प्रसारित नहीं कर रहे हैं। जनता धीरे-धीरे महामारी से लड़ने के लिए आत्मनिर्भर बन रही है और भगवान से प्रार्थना करने के लिए धार्मिक स्थलों के पूरी तरह से खुलने की प्रतीक्षा कर रही है।
जनता अब संक्रमण और मौतों के आँकड़ों को भी शेयर बाज़ार के सूचकांक के उतार-चढ़ाव की तरह ही देखने की अभ्यस्त होने लगी है। जनता को इस समय अपनी जान के मुक़ाबले ज़्यादा चिंता इस बात की भी है कि जैसे-जैसे लॉकडाउन ढीला हो रहा है और किराना सामान की दुकानें खुल रही हैं, सभी तरह के अपराधियों के दफ़्तर और उनके गोदामों के शटर भी ऊपर उठने लगे हैं। इनमें राजनीतिक और साम्प्रदायिक अपराधियों को भी शामिल किया जा सकता है जिनकी गतिविधियाँ इस बात से संचालित होती हैं कि ऊपर सरकार किसकी है।
और अंत में लड़ाई का मोर्चा यह कि इस सब के बीच देश का जागरूक विपक्ष (कांग्रेस) ट्विटर-ट्विटर खेल रहा है और सरकार का सक्रियता से ऑनलाइन विरोध कर रहा है। वह राजनीति के बजाय देश की अर्थव्यवस्था को लेकर ज़्यादा चिंतित है और जानी-मानी हस्तियों के साथ वीडियो काँफ्रेंसिंग के ज़रिए ज्ञान-वार्ता में जुटा हुआ है।
यदि अब इस कोरोना से लडना है तो, जनता को खुद जागरूक होना पडेगा, जब तक इसका कोई दवाई नहीं निकल जाता है।

1 comments:
बिल्कुल सही।