लोग कहते हैं की एक्टर कि मौत को मीडिया क्यूँ बढ़ा चढ़ा के हाईलाइट करती है ? सब कुछ तो था उसके पास फ़िर आत्महत्या क्यूँ?
पैसे थे नाम था स्टारडम थी फ़िर क्यूँ? कुछ तो उसकी जात पर सवाल का रहे हैं की राजपूत होके नाम पर धब्बा है , अच्छा हुआ कि साला मर गया |
तो ऐसे लोगों को लिये बस एक शब्द है |
"चुतिया "
तुम पैदा हीं चुतिये हुये थे | जज्बात मे आकर अनाब सनाब कुछ भी लिख देते हो | तुम्हारी औकात हीं कहाँ थी कि ऐक्टर बन पाओ | तुम तो साले पैदा हीं हुये थे दुसरों कि कमी निकालने के लिये | खैर तुम्हारी इस सोच से झांटा नही फ़र्क़ पड़ता |
क्यूंकी मरा एक ऐसा अभिनेता है जिसने अपनी अदाकारी से दुनिया को लोहा मनवाया है | मरा एक ऐसा छात्र है जिसने अपनी ज़िन्दगी के पहले हीं दौड़ मे अव्वल आके तुम चूतियों कि बोलती बंद कर दी थी | वो आम से हटकर था | वो ख़ास था | वो किसी मोहल्ले के चौराहे पर खड़ा होके मटरगस्ती करने वाला छिछोरा नहीं था | वो छिछोरे फिल्म वाला सुशांत था | वो व्योम बक्शी वाला सुशांत था | वो एम एस धोनी वाला सुशांत था |
उसके मरने कि वजह मुझे नही पता पर एक मर्द के अंदर क्या उथल पुथल चल रही होती है अच्छे से पता है | उसके मरने कि वजह भी कुछ ऐसी होगी जो शायद मौत से भी दर्दनाक होगा |
भगवान आपकी आत्मा को शांति प्रदान करे | आप हमेसा हम सब के दिलो मे रहियेगा सर | लव यू सुशांत सिंह राजपूत |


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